गलती - द मिस्टेक (पार्ट 2)

गलती - द मिस्टेक


पार्ट 2

हवेली से भौमिक सीधे अपने ऑफिस पहुंच जाता है। कुछ देर बाद ही परमार भी उसके ऑफिस आ जाता है। 4 लोगों की हत्या और उसमें कई बड़े लोगों के बच्चों के नाम होने के कारण कमिश्नर ने इस केस को जल्द खत्म करने की जिम्मेदारी भौमिक को ही सौंप दी थी। ऐसे में भौमिक अब सिर्फ केस को सुलझाने पर ही अपना ध्यान केंद्रित कर रहा था। उसके दिमाग में अब भी यही चल रहा था कि क्यों 8 लोग कत्ल का इल्जाम खुद पर ले रहे हैं और बाकि 7 को बेगुनाह बता रहे हैं। साथ ही डॉ. और उसका परिवार वहाँ क्या कर रहा थाऔर ये आठों लोग भी उस हवेली में क्या करने के लिए गए थेवह यह भी सोच रहा था कि मान भी किया जाए कि इन 8 में से ही किसी एक ने कत्ल किया हैतो भी हवेली में ऐसा क्या हुआ जो एक ही व्यक्ति ने 4 लोगों की चाकुओं से गोद कर हत्या कर दीभौमिक यही सब सोच रहा था तभी परमार भी वहाँ पहुंच गया।
परमार- सर सभी बॉडी को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया हैरिपोर्ट आने में 7 दिन लग सकते हैं।
भौमिक- ओके। परमार वहाँ से कोई फिंगरप्रिंट मिले हैं क्या?
परमार- सर फोरेंसिक टीम पहुंच तो गई हैपर कुछ देर पहले बात हुई तो उनका कहना है कि वहाँ कोई फिंगरप्रिंट मौजूद ही नहीं है। और सबसे बड़ी बात तो ये है सर की चाकू पर भी कोई निशान नहीं मिले है।
भौमिक- क्या चाकू पर भी कोई निशान नहीं मिलेपरमार ये कैसा कातिल हैजिसने कोई सुराग ही नहीं छोड़ा है ?
परमार- सर मैं भी यही सोच रहा हूं कि ऐसा कैसे संभव है कि एक कमरे में 4 लोगों की हत्या हो और कोई निशान या सुराग या फिंगरप्रिंट ही ना मिले?
भौमिक- वही तो परमार कातिल कोई ना कोई सुराग जरूर छोड़ कर जाता हैपर इस केस में इस अब तक कुछ भी नजर नहीं आ रहा है।
परमार- जी सर। कोई तो सुराग मिलना ही चाहिए। वैसे मैंने फोरेंसिक टीम को फिर से जांच करने के लिए बोल दिया है।
भौमिक- गुड जॉब परमार। वैसे वो हवेली है किसकी परमार?
परमार- सर मैंने पता किया हैकोई सुदीप शाह है। आजकल लंदन में रहते है। 15 दिन पहले यहीं थे। पुश्तेनी हवेली हैकाफी समय से यहाँ कोई नहीं रहता है। शाह परिवार पिछले 15 साल से लंदन में ही है।
भौमिक- तो 15 साल बाद उन्हें उनकी इस हवेली की याद क्यों आई थी परमार?
परमार- सर सुना है कि वो यहाँ एक रिसोर्ट बनाना चाह रहे थे। साथ में बार भी ओपन करना चाह रहे थे। इसके लिए कुछ महीने तक हवेली में काम भी कराया गया था। 15 दिन पहले अचानक ही शाह के जाने से काम बंद हो गया।
भौमिक- ओके परमार तो ये पता करो कि मिस्टर शाह को लंदन में अचानक क्या काम आ गया था। साथ ही ये भी पता करो कि डॉक्टर और उसकी पूरी फैमिली उस रात वहाँ क्या करने गई थी और ये आठों लोग वहां कैसे और क्यों पहुंचे थे ?
परमार- जी सरमैं पता करता हूं।
भौमिक- परमार अभी वो आठों लोग कहाँ है?
परमार- हमारी स्पेशल सेल में है सर।

भौमिक- तुम वो पता करो जो मैंने तुमसे कहा हैतब तक मैं इन लोगों से बात करता हूं। देखे तो सही आखिर पूरा मामला है क्या?
परमार- जी सर।

भौमिक अपने ऑफिस से निकलकर स्पेशल सेल की ओर जाता है। यहां आठों लोग डरे सहमे बैठे हैं। भौमिक उन्हें देखकर सोचता है कि परमार तो कह रहा था कि ये सभी अपना जुर्म कबूल कर रहे हैंपर ये सभी तो काफी डरे हुए लग रहे है। कत्ल करने के बाद अगर इन्होंने अपना जुर्म कबूल किया था तो अब ये डर क्यों रहे हैं। भौमिक समझ नहीं पा रहा था कि आखिर मामला है क्यायही सोचकर उसने उन सभी से एक-एक कर बात करने का निर्णय लिया। इससे पहले उसने वहां रखी एक फ़ाइल उठाई और उसे देखने लगा। फ़ाइल में सभी के नामपतेमोबाइल नंबरउनकी उम्र और अन्य जानकारी थी। सेल के पास एक खाली रूम में भौमिक वह फाइल लेकर चला गया और वहीं खड़े एक सिपाही से कहा कि विशाल चौहान को यहाँ लेकर आओ। भौमिक ने सिपाही से एक बार फिर कहा कि सिर्फ विशाल को। सिपाही जी सर कहता हुआ विशाल को लेने के लिए चला गया। कुछ ही देर में सिपाही विशाल को लेकर उस रूम में आ गया जहाँ भौमिक बैठा था। भौमिक ने सिपाही को वहाँ से जाने के लिए कहा और सिपाही भी उसे सेल्यूट देकर दरवाजा बंद कर वहाँ से चला गया। भौमिक ने विशाल को सामने रखी एक कुर्सी पर बैठने का इशारा किया और खुद एक बार फिर उस फ़ाइल को देखने लगा।
भौमिक- तो विशाल तुम्हारे पिता इस प्रांत के मंत्री है मिस्टर ए के चौहान ?
विशाल ने सिर्फ हां में अपना सर हिला दिया। भौमिक ने गौर किया कि वह अब भी काफी डरा हुआ था और कुछ बोल भी नहीं पा रहा था।
भौमिक- और तुम एम के कॉलेज से फाइनल ईयर की पढ़ाई कर रहे हो?
इस बार भी विशाल ने सिर्फ हां में सर हिला दिया।
भौमिक- और तुम्हारे सभी साथी भी तुम्हारे साथ उसी कॉलेज में और तुम्हारी ही क्लास में है?
पिछली बार की तरह विशाल ने बिना कुछ कहे सिर्फ हां में गर्दन हिला दी। विशाल के चेहरे पर डर साफ नजर आ रहा था। उसके होंठ सूख रहे थे और उसके माथे पर पसीने की बूंदे चमक रही थी। विशाल भौमिक की ओर देख भी नहीं रहा था। वो सामने रखी टेबल की ओर देख रहा था। रह-रह कर वो अपने माथे से पसीने को साफ करने की कोशिश कर रहा थापरन्तु शायद डर के कारण उसे बार बार पसीना आ रहा था। उसे देखकर लग रहा था कि वो कुछ बोल नहीं पाएगा।
भौमिक- विशाल तो क्या तुम बताओगे कि उस रात हुआ क्या था?
(विशाल अब कुछ नहीं बोला। भौमिक ने अपना सवाल फिर दोहराया पर इस बार भी विशाल ने कोई जवाब नहीं दिया और टेबल की ओर एक टक देखता रहा। इस बार भौमिक ने अपना प्रश्न कुछ बदला।)
भौमिक- विशाल ये बताओ कि तुमने उन चारों लोगों की हत्या कैसे की?
(ये प्रश्न सुनते ही विशाल को जैसे कोई करंट लग गया हो कुछ ऐसा झटका लगा। विशाल का चेहरा अचानक ही सख्त हो गया। उसके चेहरे से डर एक दम से गायब हो गया था और उसके चेहरे पर गुस्सा नजर आने लगा। विशाल में आए इस अचानक बदलाव ने भौमिक को भी अचरज में डाल दिया कि कुछ पल पहले विशाल जो इतना डरा हुआ था अचानक गुस्से में क्यों आ गयाभौमिक कुछ समझ नहीं पा रहा था कि तभी विशाल जोर से चीखा।)
विशाल- हांहां मैंने ही मारा है उन चारों को। उन्हें तब तक चाकू मारे जब तक कि वो चारों मर नहीं गए। मैंने मारा है उन्हें मेरे दोस्तों का इससे कोई लेना देना नहीं है। मुझे सज़ा दो जो भी सजा देना है। 
(ऐसे ही चिल्लाते हुए विशाल बेहोश हो गया) 

क्रमशः 

गलती - द मिस्टेक (पार्ट 1)

गलती - द मिस्टेक

पार्ट 1 

शहर के बड़े होटल में एक पार्टी चल रही थी। पार्टी में शहर के कई बड़े लोग शामिल थे। जैसे कि अक्सर पार्टियों में होता है तो इस पार्टी में भी जाम छलक रहे थे। एक ओर संगीत भी चल रहा था तो दूसरी ओर पार्टी में शामिल लोग शहर के हालात से लेकर देश की राजनीति तक बातें करने में व्यस्त थे। पार्टी में एसीपी भौमिक शर्मा भी थे। वो भी कुछ लोगों के साथ बातों में मशगूल थे। तभी उनके मोबाइल पर एक कॉल आता है और वो काफी गंभीर हो जाते हैं। पार्टी से थोड़ा सा दूर जाकर वह अपने कमिश्नर को कॉल कर कुछ जानकारी देकर जी सर कहते हुए वहाँ से तत्काल रवाना हो जाते है। कुछ ही देर में वो शहर की सड़कों को छोड़कर गोआ हाइवे पर निकल पड़ते हैं। करीब आधे घंटे के बाद उनकी कार एक हवेलीनुमा पुरानी बिल्डिंग के पास जाकर रुकती है। यहाँ पहले से ही पुलिस पहुंच गई थीजिसके कारण कुछ पुलिस कर्मी घटनास्थल पर अंदर बाहर हो रहे थे। हवेली के बाहर दो एम्बुलेंस भी थी। एसीपी को घटनास्थल पर आया देख एक पुलिस कर्मी उसके पास भागकर आता है और उसे सलाम करता है।
भौमिक- क्या हालत है परमार ?
परमार- सब कुछ कंट्रोल में है सर।
भौमिक- ओकेगुड़ क्या मामला है?
परमार- सर 4 लोगों की हत्या हुई हैदेखने से लगता है कि चारों एक ही परिवार के है। मरने वालों में एक आदमीएक औरत और दो बच्चे है सर।
भौमिक- कैसे हुई है हत्या कुछ पता चला?
परमार- जी सरशरीर पर चाकू के वार साफ नजर आ रहे है। हर किसी की बॉडी पर 4 से 5 वार किए गए हैं।
भौमिक- कोई सुराग मिला परमार ?
परमार- सुराग तो मिल है सरपर मुझे लगता है केस बहुत उलझाने वाला है।
भौमिक- मतलब?
परमार- सर एक चाकू मिला है जिस पर बहुत खून लगा है और.... 
भौमिक- और?
परमार- और 8 लोग है अंदर। जो कुछ बहुत अजीब ही बात कर रहे हैं 
भौमिक- परमार ये अजीब क्या बात कर रहे है अब ये मत कहना कि किसी भूत ने इन सबकी हत्या की है।
परमार- नहीं सरये नहीं कह रहा ना तो मैं और ना ही अंदर बैठे वो 8 लोग 
भौमिक- तो फिर क्या अजीब है ?
परमार- सर सभी 8 लोगों का कहना है कि हत्या उसने की है और बाकी 7 लोगों का इससे कोई लेना देना नहीं है।
भौमिक- क्याये 8 लोग है कौन ?
परमार- सर सभी कॉलेज स्टूडेंट्स है। और सबसे खास बात तो ये है सर कि सभी vip लोगों के बच्चे है। एक तो मंत्री जी का बेटा हैएक शहर के बड़े बिल्डर का और दो बड़े बिजनेस मैन के लड़के है। 
भौमिक- और बाकि 4?
परमार- सर बाकि 4 लड़कियां हैजो इनकी पर्सनल दोस्त हैं।
भौमिक- यू मीन गर्लफ्रैंड ?
परमार- जी सर।
भौमिक- 4 लोगों की हत्या और 8 क़ातिलऔर। उनमें भी 7 बेगुनाह। तुम सही कह रहे थे परमार केस काफी उलझा हुआ है।

परमार- जी सर। 

इसके बार भौमिक और परमार अंदर जाते है। यहाँ चारों लड़के और लड़कियां एक सोफे पर बैठे हुए हैं। हवेली के एक कमरे में चार लाश पड़ी हुई है। चारों के पेट पर चाकू से कई वार किए गए है। चारों ओर खून ही खून पड़ा है। भौमिक के दिमाग मे अब एक बात खटक रही है कि कमरे में खून हुए और चारों ने ही बचने का कोई प्रयास नहीं कियाक्योंकि कमरे में हर चीज सलीके से रखी हुई नजर आ रही हूं। भौमिक का मानना है कि यदि बचने का प्रयास किया होता तो कुछ चीजें तो टूटती या बिखरी होतीपर कमरे में ऐसा कुछ नजर नहीं आ रहा था। फिर भौमिक ने सोचा कि हो सकता है कि क़ातिल ने सोते हुए हमला किया होपर हमला एक पर होता तो बाकि लोग तो जाग जाते। या ये भी हो सकता है कि चारों को पहले बेहोश किया हो और फिर चाकू से वार किए गए हो। एक संभावना और थी कि चारों को खाने में कुछ दिया गया हो और बाद में चाकू से वार किए गए हो। अंत में भौमिक ने मन ही मन तय किया कि जो भी होगा वो पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आ ही जाएगा। उसने परमार को सभी बॉडी को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाने के लिए कहा और खुद कमरे को गौर से देखने लगा। काफी देर तक रूम को देखने के बाद भी उसे ऐसा कुछ नहीं मिलाजिससे कि वो क़ातिल की कोई पहचान कर सके। उसके बाद वो उन लोगों के पास पहुंच गयाजहां परमार पहले से ही सभी के नामपते और मोबाइल नंबर नोट कर रहा था। इसी बीच उन सभी के माता-पिता भी हवेली पर पहुंच गए थे। सभी उन्हें घर लेकर जाना चाह रहे थेपरन्तु भौमिक ने किसी को भी जाने नहीं दियाक्योंकि सभी खुद को उन चारों का क़ातिल बता रहे थे। इसलिए सभी को हिरासत में ले लिया गया। शहर के कई बड़े लोगों के बच्चों के नाम केस से जुड़ जाने के कारण केस काफी गंभीर भी हो गया था। दूसरी और जिनकी हत्या हुई थी वो भी शहर के बहुत बड़े हार्ट सर्जन डॉ. अविनाश सक्सेना थे। उनके साथ उनकी पत्नी आरती, 12 साल का बेटा आरुष और साल की बेटी भव्या थी। अब जो बात सामने आ रही थी वो यह थी कि शहर से 30 किलोमीटर दूर डॉ. अविनाश अपने परिवार के साथ क्या कर रहे थे और मंत्री जीबिल्डर और दो बिजनेसमैन के बेटे अपनी गर्लफ्रैंड के साथ इस हवेली में क्या करने आए थे?
क्रमशः