गलती - द मिस्टेक

पार्ट 3



विशाल के बेहोश होने के बाद भौमिक ने उसे अस्पताल के लिए रवाना करा दिया। विशाल के बेहोश हो जाने के कारण उसने किसी ओर से बात नहीं की और रात हो जाने के कारण वो अपने घर लौट आया था। वैसे भी देर रात पार्टी में होने के बाद वो उस हवेली पर पहुंच गया था और उसके बाद पूरा दिन केस की जानकारी और घटनास्थल पर छानबीन में कट गया था। इस कारण वो कुछ थक भी गया था। हालांकि घर आने के बाद भी उसके माइंड में केस की ही बातें चल रही थी। वो अब भी यही सोच रहा था कि आखिर उस हवेली में हुआ क्या होगाक्यों ये 8 लोग उन 4 लोगों की हत्या का जुर्म अपने ऊपर ले रहे हैं और बाकि सभी को बेगुनाह बता रहे हैंकातिल ने किस तरह से हत्या की है कि एक भी सुराग उसके हाथ नहीं लगा है। इन हत्याओं से कॉलेज स्टूडेंट्स का क्या लेना देना हैविशाल जो एक समय डरा हुआ बैठा था वो अचानक ही गुस्से में क्यों आ गयाडॉ. का परिवार उस हवेली में रात को क्यों गया था ? ऐसे ही कई सवाल उसके दिमाग में दौड़ रहे थेपरन्तु इन सवालों का फिलहाल उसके पास कोई जवाब नहीं था और इन्हीं सवालों के जवाब खोजने के लिए उसे अभी काफी मेहनत करनी थी। अगले दिन वो सुबह जल्दी ही अपने ऑफिस पहुंच गया था। स्पेशल सेल के पास खड़े होकर वो आठों संदिग्धों को देख रहा था। होश में आने के बाद देर रात को विशाल भी वापस आ गया था। आठों लोग बिल्कुल चुप थे। आपस में दोस्त होने के बाद भी उनके बीच कोई बात नहीं हो रही थी। भौमिक आठों लोगों को बारीकी से देख रहा था। हत्या को 36 घंटे से ज्यादा समय हो जाने के बाद भी आठों लोगों के चेहरे पर अब भी डर साफ नजर आ रहा था। जो जहाँ बैठा थावो बस वहीं बैठा रहा। कोई भी किसी प्रकार की कोई हरकत नहीं कर रहा था। सभी चेहरों पर पसीना साफ दिख रहा था। सेल में एक दम खामोशी थी। इधर भौमिक ये सोच रहा था कि क्या सच में इन 8 लोगों में से किसी ने उन चारों की हत्या की हैअगर है तो कोई भी इस नजर क्यों नहीं आ रहा है ? सभी बहुत ज्यादा डरे हुए लग रहे हैंजैसे कि ये हत्या उनके लिए किसी सदमे से कम ना हो।
ऐसे ही सोचते हुए भौमिक अपने केबिन में चला जाता है और सिपाही से कहता है कि सुमित को यहाँ लेकर आओअब उससे बात करके देखते हैं कि उसका क्या कहना इन हत्याओं के बारे में। सिपाही भौमिक को यस सर कहते हुए वहां से चला जाता है। कुछ देर बाद वह सुमित को लेकर उस केबिन में आता है और सुमित को छोड़कर वापस चला जाता है।
भौमिक- तो सुमित कैसे हो तुम?
सुमित भौमिक के सवाल का कोई जवाब नहीं देता है। भौमिक फिर भी उससे बात करने का प्रयास करता है।
भौमिक- सुमित मुझे लग रहा है तुम काफी डरे हुए होक्या कुछ कहना चाहते हो तुम?
सुमित इस बार ना में अपना सिर हिला देता है।
भौमिक- सुमित तुम्हें क्या लगता है कि क्या विशाल ने ही वो चारों कत्ल किए है?
सुमित जैसे ही भौमिक की बात सुनता है वह भी एकदम से गुस्से में आ जाता है। उसके चेहरे पर कुछ देर पहले जो डर था वह गायब हो जाता है। विशाल की तरह ही उसका चेहरा भी एकदम से सख्त हो जाता है और वह चिल्लाने लगता है।
सुमित- वो झूठ बोल रहा है। मुझे बचाने के लिए कत्ल का इल्जाम वो अपने सिर ले रहा है। जबकि सच तो ये है कि उन चारों लोगों की हत्या मैने की है। बाकि कोई् भी इस अपराध में शामिल नहीं था।
भौमिक- सुमित तो क्या तुम मुझे बताओगे कि तुमने उन चारों लोगों की हत्या क्यों और कैसे की है?
सुमित- वो डॉक्टर अच्छा आदमी नहीं था। उसने मुझे गुस्सा दिलाया था। इसलिए मैने उसकी हत्या कर दी।
भौमिक- सुमित पर तुमने हत्या तो डॉक्टर की थीतो उसकी पत्नी और उसके बच्चों को किसने मारा?
सुमित इस सवाल के जवाब में कुछ नहीं बोलता है और चुप रह जाता है।
भौमिक- अच्छा सुमित ये बताओं तुमने अगर हत्या की है तो चाकू पर कोई निशान नहीं है। मेरे कहना का मतलब यह है कि चाकू पर तुम्हारे अंगुलियों के कोई निशान क्यों नहीं है?
सुमित- वो मुझे नहीं पता। मुझे बस इतना पता है कि मैंने ही उन चारों लोगों को मारा है।
इतना कहते हुए सुमित भी जोर-जोर से चिल्लाने लगता है और वह भी विशाल की तरह बेहोश हो जाता है। भौमिक इस बार भी अचरज में पड़ जाता है और सिपाही को बुलाकर सुमित को अस्पताल के लिए रवाना कर देता है। वह हवेली में जाने का तय करता है और परमार को कॉल करता है। कुछ ही देर में परमार भी उसके ऑफिस आ जाता है और दोनों हवेली के लिए निकल जाते हैं।
हवेली पहुंचकर भौमिक पूरी हवेली को गौर से देखने लगता है।
भौमिक- परमारआखिर ऐसा क्या रहस्य छुपा है इस हवेली में की चार-चार कत्ल होने के बाद भी दो बार पूरी तरह से सुराग ढूढ़ने के बाद भी यहां कुछ नहीं मिल रहा है?
परमार- जी सरमैं भी यहीं सोच रहा था।
भौमिक- परमार कातिल ने क्या एक परफेक्ट क्राइम को अंजाम दिया है या हमसे कुछ मिस हो रहा है?
परमार- सर परफेक्ट क्राइम के बारे में आप कह रहे हैआप तो हमेशा कहते आए हैं कि कातिल कितना ही चालाक क्यों न हो कोई न कोई सुराग छोड़कर ही जाता है।
भौमिक- हां परमारपर इस बार मुझे अब तक कोई सुराग नजर नहीं आया है। इस बार शायद किसी चालाक कातिल से ही पाला पड़ा है।
परमार- शायद सर। पर मुझे लगता है कि आप इस केस को भी क्रेक कर ही देंगे। थोड़ा वक्त लग सकता हैपर यह केस आप ही सॉल्व करेंगे।
भौमिक- आई होप सो परमार।


इसके बाद भौमिक और परमार फिर से हवेली का मुआयना करने के लिए निकल पड़ते हैं। हवेली के हर कोने पर दोनों बारिकी से नजर रखते हुए कोई सुराग की तलाश करते हैं। काफी देर तक दोंनो हवेली में ही रहते परंतु निराश होकर लौटने के सिवाय उनके पास कोई चारा नहीं होता है और दोनों फिर से भौमिक के ऑफिस के लिए रवाना हो जाते हैं।
भौमिक- परमार वो पोस्टमार्टम रिपोर्ट का क्या हुआ?
परमार- अगले सात दिनों में रिपोर्ट आपकी टेबल पर होगी। चार लोगों का मामला है इस कारण थोड़ा टाइम लग रहा है।
भौमिक- ओके परमार। अच्छा अब एक काम और करों डॉक्टर और उसकी फैमिली के साथ इन आठों लोगों की मोबाइल डीटेल भी निकालों। साथ ही इनकी लोकेशन भी। यह भी पता करों की इन आठों लोगों का डॉक्टर से कभी भी कोई संपर्क हुआ था क्या?
परमार - सर मैने मोबाइल कंपनी को पहले ही बोल दिया हे और अगले दो दिनों में सभी डिटेल मिल जाएगी।
भौमिक- गुड परमार। अच्छा वो सुदीप शाह के बारे में क्या पता चला हैउससे कोई संपर्क हो सका है?
परमार- जी सरमेरी उससे बात हुई है। मैंने उसे जल्द से जल्द यहां आने के लिए बोल दिया है। उसका कहना है कि उसे यहां पहुंचने में करीब एक सप्ताह का समय लग जाएगा। लंदन में उसकी कोई जरूरी मीटिंग है उसके बिजनेस को लेकर उन्हें निपटाकर वो जल्द ही यहां आ जाएगा।
भौमिक- ओके परमार। ये बताओं कि हवेली में कोई गार्ड नहीं रहता है क्या?
प्रमार- नहीं सर। जब तक काम शुरू नहीं हुआ थाउसके पहले तक था। काम बंद होने के बाद से कोई गार्ड नहीं है। शाह से मैंने पूछा तो उसका कहना था कि काम अचानक बंद होने और उसके लंदन आ जाने के कारण गार्ड से दोबारा बात नहीं पाई थीइस कारण अभी वहां कोई गार्ड नहीं है।

क्रमशः 

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