गलती - द मिस्टेक
पार्ट 4
दोनों ही ऑफिस से
अपने अपने घर की ओर चल देते हैं। रास्ते में दोनों के ही दिमाग हत्या को लेकर कई
सवाल उठ रहे थे, परन्तु अब तक उन सवालों के जवाब उन्हें नहीं मिल पा रहे थे। कॉल डिटेल, पोस्टमार्टम
रिपोर्ट, हवेली मालिक के आने के बाद जांच कुछ आगे बढ़ सकती थी। वहीं आठों संदिग्ध भी कुछ
कहने की स्थिति में नहीं लग रहे थे। पूरे समय वे सभी लोग डरे सहमे रहते थे, पर जैसे ही उनसे
हत्या या हवेली में घटी घटना से जुड़ा कोई सवाल किया जाए तो वो एक दम से उग्र हो
जाते थे और फिर बेहोश हो जाते थे। यही बात भौमिक और परमार को खटक रही थी कि डरे
सहमे आठों लोग अचानक गुस्से में क्यों आ जाते थे। और आखिर कातिल ने
किस अंदाज में क़त्ल किया है कि हवेली का 3 बार मुआयना करने के बाद भी
हत्या से जुड़ा कोई सुराग पुलिस को नहीं मिल पाया था। दो दिन बाद सभी लोगों की कॉल
डिटेल्स भौमिक के सामने थी। उसने बड़ी बारीकी से उसकी जांच की, परन्तु उससे भी कोई
सुराग उसके हाथ नहीं लगा था। भौमिक ने परमार को बुलाया।
भौमिक- परमार मैंने
बहुत ध्यान से कॉल डिटेल देखी पर उन आठों लोगों ने कभी भी डॉक्टर या उसके परिवार
के किसी भी इंसान को कभी कोई कॉल नहीं किया। यहाँ तक कि उनके किसी परिचित का भी
कोई संपर्क डॉक्टर से जुड़ा हुआ नहीं मिला है।
परमार- जी सर, मैंने भी 3 बार कॉल डिटेल्स को
देखा है पर कुछ भी नहीं मिला है।
भौमिक- परमार कोई
भी इंसान बिना किसी बात के पूरे परिवार का ऐसे ही क़त्ल तो नहीं कर सकता है ?
परमार- जी सर मुझे
भी यही बात समझ नहीं आ रही है। आखिर जब इन सभी का डॉक्टर से कभी कोई कॉन्टेक्ट ही
नहीं हुआ तो इनमें से किसी ने भी डॉक्टर और उसके पूरे परिवार को क्यों मार डाला ?
भौमिक- वही तो
परमार, या तो हम लोग कुछ मिस कर रहे हैं या फिर कुछ ऐसा है जो अब तक हमें नजर नहीं
आया है।
परमार- जी सर मुझे
भी ऐसा ही लगता है। सर क्या ऐसा हो सकता है कि डॉक्टर की किसी ओर से दुश्मनी हो और
उसने मौके का फायदा उठाकर पूरे परिवार की हत्या कर दी हो ?
भौमिक- परमार
तुम्हारे पॉइंट को मान भी ले तो प्रश्न ये खड़ा होता है कि ये आठों बच्चे क्या उस
कातिल को जानते है ? और अगर जानते है तो उसे क्यों बचा रहे है? और सबसे बड़ी बात ये
है कि हर कोई बाकी 7 को निर्दोष बता रहा है।
परमार- हां सर। वो
लोग इस क्यों कह रहे हैं?
भौमिक- यही तो पता
करना है परमार की आखिर क्यों? वैसे पोस्टमार्टम रिपोर्ट का
क्या हुआ ?
परमार- सर रिपोर्ट
आने में तो टाइम लगेगा पर मेरी फोन पर बात हुई थी तो डॉक्टर का कहना था कि चाकू पर
मारे गए सभी लोगों का खून मिला है साथ ही चाकू पर कोई भी फिंगर प्रिंट नहीं है।
भौमिक- ऐसा कैसे हो
सकता है परमार? चाकू पर किसी की भी उंगलियों के निशान नहीं है ?
परमार- यही बात
मुझे भी खटक रही है सर।
भौमिक- परमार मुझे
लगता है कातिल बहुत चालाक है। हमारे लिए एक भी सुराग छोड़कर नहीं गया है।
परमार- जी, सर।
भौमिक- परमार, एक बात और भी मुझे
महसूस हो रही है।
परमार- वो क्या सर ?
भौमिक- यही कि
कातिल जो भी कोई है वो इन आठों लोगों में से है या फिर हवेली में ही था।
परमार- वो कैसे सर?
भौमिक- वो ऐसे
परमार कि हम अब तक हवेली का तीन बार मुआयना कर चुके हैं। अभी तक हमें इन आठ लोगों
और डाॅक्टर की फैमिली मेंबर के अलावा किसी और के वहां होने का कोई सबूत नहीं मिला
है।
परमार- हां, सर ये बात तो है।
भौमिक- यदि वहां
कोई और भी होता तो कुछ तो कहीं तो कोई ना कोई निशान जरूर मिलता। पर हमें वहां इन 8 लोगों और 4 डाॅक्टर के परिवार
के सदस्यों के अलावा किसी का भी कोई उंगलियों के निशान नहीं मिले हैं।
परमार- जी सर।
भौमिक- इसके साथ ही
चाकू पर भी किसी की उंगलियों के निशान नहीं मिले हैं। इसका मतलब साफ है कि कातिल
इनमें से ही कोई एक है। कौन हैं अब बस ये पता लगाना है ?
परमार- हां सर। पर
यहीं तो समझ नहीं आ रहा है कि आखिर इनमें से कातिल है कौन?
भौमिक- परमार एक
काम और करो। जितनी जल्दी हो सके हवेली मालिक को यहां बुलाने की कोशिश करो। उसके
आने के बाद संभव है कि कोई सुराग हमारे हाथ लग जाए।
परमार- जी सर। मैं
आज ही उससे बात करता हूं। और कहता हूं कि जितनी जल्दी हो सके वो यहां आकर आपसे
मुलाकात करें।
भौमिक- हां परमार।
इसके बाद परमार
वहां से चला जाता है और भौमिक भी बाकि लोगों से पूछताछ करने के लिए चला जाता है।
इस बार उसने शिवानी को रूम में बुलवाया। शिवानी भी विशाल और सुमित की तरह आकर
चुपचाप बैठ गई थी। भौमिक उसे बड़े गौर से देख रहा था। वो भी विशाल और सुमित की तरह
डरी हुई नजर आ रही थी। हालांकि 8 दिन बीत जाने के कारण उसका डर
अब काफी कम हो गया था। परंतु फिर भी उसके चेहरे पर डर देखा जा सकता था। भौमिक ने
सीधे हत्या से जुड़ा सवाल करने के बजाय उससे पहले नाॅर्मल बात करना तय किया।
भौमिक- शिवानी, कैसी हो तुम?
शिवानी ने भौमिक के
सवाल का कोई जवाब नहीं दिया। भौमिक ने फिर भी बात करना जारी रखा।
भौमिक- शिवानी तुम
डरो नहीं, हमने तुम्हें गिरफ्तार नहीं किया है। अब बस तुमसे कुछ बात करना चाह
रहे थे। इसलिए कुछ दिनों के लिए तुम्हें यहां रखा गया है।
इस बार भी शिवानी
ने कोई जवाब नहीं दिया।
भौमिक- अच्छा ये
बताओं शिवानी यहां तुम्हें कोई प्राॅब्लम तो नहीं आ रही है ना? अगर तुम चाहों तो
मैं तुम्हारें लिए अलग रूम की व्यवस्था करा सकता हूं।
इस बार शिवानी ने
नहीं में सिर हिला दिया।
भौमिक- अच्छा तो
तुम अपने सभी दोस्तों के साथ ही रहना चाहती हो?
इस बार शिवानी ने
हां में सिर हिलाया, मगर बोला अब तक कुछ नहीं था।
भौमिक- अच्छा
शिवानी एक बात बताओ। क्या तुम्हें लगता है कि हवेली में हुई हत्या तुम्हारें किसी
दोस्त ने की है?







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